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दिल्ली दंगों के मामले में 10 आरोपी बरी, कोर्ट ने संदेह के आधार पर किया बरी

दिल्ली के लोअर कोर्ट ने 4 साल पहले फरवरी 2020 में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों के मामले में 10 आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित नहीं हुए हैं, ऐसे में इन्हें बरी किया जाता है. इससे पहले साल 2020 में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में 23 से 25 फरवरी के बीच दंगों के दौरान धरने पर बैठी कुछ महिलाओं और मस्जिद पर भीड़ के हमला करने से जुड़े मामले को लेकर दयालपुर थाने में एक FIR दर्ज किया गया है. कड़कड़डूमा कोर्ट के पिछले महीने 31 अगस्त को दिए ऑर्डर पर साढ़े 4 साल बाद यह मुकदमा सोमवार को दर्ज किया गया.

दिल्ली दंगे में कितनों की जान गई
दिल्ली पुलिस ने इन दंगों के अलावा उपासना स्थल को बर्बाद करने और आग लगाने से जुड़ी धारा लगाई है. केस में तीन को नामजद भी किया गया है. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में बृजपुरी पुलिया पर धरने से जुड़ा मामला है. साल 2024 में 23 फरवरी से 25 फरवरी के बीच हुए दंगे में 50 से अधिक लोगों की जान चली गई थी जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे. इस मामले में अब तक 760 केस दर्ज किए जा चुके हैं.

दिल्ली दंगे से जुड़ आरोपी बरी
लंबी सुनवाई के बाद कड़कड़डूमा कोर्ट ने मोहम्मद शाहनवाज उर्फ शानू, मोहम्मद शोएब उर्फ छुटवा, शाहरुख, राशिद उर्फ राजा, आजाद, अशरफ अली, परवेज, मोहम्मद फैसल, राशिद उर्फ मोनू और मोहम्मद ताहिर को दिल्ली दंगे से जुड़े मामले में बरी कर दिया.

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