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नगरीय निकाय चुनाव की ये कैसी तैयारी, बैठक में ही बिलासपुर कांग्रेस की अंदरूनी कलह का फूटा विस्फोट

बिलासपुर । नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर कांग्रेस भवन में आयोजित एक बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में हो रही थी। जिसमें जिले के प्रभारी महामंत्री सुबोध हरितवाल और स्थानीय कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इतना ही नही इस दौरान शब्दो की मर्यादा भी भूल नेताओ ने एक दूसरे के उपर अश्लिल शब्दबाण भी चलाये जिसका वीडियो भी वायरल हुआ।जिसके बाद पार्टी की जमकर फजीहत हो रही है।
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की बैठक में जमकर हंगामा हो गया, बैठक में विवाद इतना बढ़ गया कि प्रदेश कांग्रेस महामंत्री एवं बिलासपुर जिला कांग्रेस प्रभारी सुबोध हरितवाल और पूर्व महापौर एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेश पांडेय आमने सामने हो गए.. विवाद इतना गहराता गया कि एक दूसरे को गाली गलौच करते हुए जमकर तू,तू, मैं, मैं खुलेआम करने लगे, कांग्रेस भवन में भडक़े विवाद को कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराने पूरी ताकत लगा दी तब कही जाकर मामला शांत हुआ। आज कांग्रेस भवन में छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ दीपक बैज नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी के संदर्भ में बैठक लेने पहुंचे थे।
इस बैठक में पीसीसी महामंत्री और बिलासपुर कांग्रेसी प्रभारी सुबोध हरितवाल और वरिष्ठ नेता एवं पूर्व महापौर राजेश पांडेय के बीच बैठक में बोलने ना देने को लेकर गाली- गलौच शुरू हो गई.. जिसके बाद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने किसी तरह से दोनों के बीच सुलह करवाया बैठक में सुलगती बहस को देखते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज कांग्रेस भवन से रायपुर के लिए रवाना हो गए वहीं कांग्रेस भवन में नेताओं के विवाद का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना उस समय हुई जब बैठक में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और वरिष्ठ नेताओं को बोलने का मौका दिए बिना अन्य नेताओं को अवसर दिया गया। इससे नाराज पूर्व महापौर राजेश पांडे ने इसका विरोध किया और जिले के प्रभारी सुबोध हरितवाल से इसकी शिकायत की। इस पर सुबोध हरितवाल भडक़ते हुए बोले, तू हमें नियम और कानून सिखाएगा? इस बयान से पूर्व महापौर राजेश पांडे और सुबोध हरितवाल के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जो जल्द ही हंगामे में बदल गई।
कांग्रेस भवन में मौजूद अन्य कांग्रेसी नेताओं ने इस पूरे विवाद को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया, जिससे घटना की गंभीरता और गाली-गलौच का दृश्य साफ़ हो गया। यह हंगामा कांग्रेस में आपसी मतभेदों को उजागर करता है, जो आगामी नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी के भीतर उठ रहे हैं। इस घटना ने कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और अनुशासनहीनता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो पार्टी के भविष्य के लिए एक चिंता का विषय बन सकता है।
वही विवाद को लेकर शहर अध्यक्ष विजय पाण्डेय ने कहा कि, कांग्रेस जिंदा लोगों की पार्टी है, इसलिए गहमा गहमी होती है, इसे मैं विवाद नहीं मानता, इसे स्वस्थ चर्चा मानता हूं, पूर्व महापौर राजेश पांडेय और प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल की आवाज बैठक में नरम -गरम हो रही थी। ये विवाद परिवार के अंदर का मामला है। इसे सुलझा लिया जाएगा है। वैसे पार्टी और घर परिवार में नोकझोंक होती रहती है, ये सामान्य सी बात है इसे कोई बड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।

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