राजनीति

शरद पवार ने जातिगत राजनीति और समाज में नफरत फैलाने का काम किया

चुनावी रैली में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने लगाए एनसीपी प्रमुख पर आरोप 

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार पर हमला बोला। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि शरद पवार ने 1999 से महाराष्ट्र में जातिवाद की राजनीति को बढ़ावा दिया और समाज में नफरत फैलाने का काम किया है। यह बयान ठाकरे ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दिया। 
राज ठाकरे ने कहा कि शरद पवार ने महाराष्ट्र में जातिवाद की राजनीति की नींव रखी। उनका आरोप था कि पवार ने राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए जातिवाद का सहारा लिया और समाज में घृणा और विवाद फैलाने के लिए जाति आधारित राजनीति की। राज ठाकरे के मुताबिक पहले ब्राह्मणों और मराठा समुदाय के बीच जातिगत तनाव पैदा किया और अब मराठा और ओबीसी समुदायों के बीच जातिवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राज ठाकरे ने कहा कि शरद पवार का उद्देश्य महाराष्ट्र में सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ाना था ताकि वह अपनी राजनीतिक ताकत को मजबूत कर सकें। ठाकरे ने कहा कि पवार ने सत्ता में बने रहने के लिए राज्य के विभिन्न समुदायों के बीच संघर्ष और नफरत पैदा की, जिससे महाराष्ट्र में सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की राजनीति महाराष्ट्र की समृद्धि के लिए खतरा है।
राज ठाकरे ने जातिवाद की राजनीति को खत्म करने की जरुरत बताई और कहा कि महाराष्ट्र में सभी वर्गों को समान अधिकार मिलने चाहिए। उनका कहना था कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पवार और उनकी पार्टी ने जातिवाद को एक राजनीतिक उपकरण बना लिया है, जिससे समाज में बंटवारा और नफरत फैलती है, और यह राज्य की सामाजिक संरचना को कमजोर कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के सभी वर्गों को समान अधिकार मिलना चाहिए और जातिवाद की राजनीति का अंत होना चाहिए। बता दें महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होना है, और परिणाम 23 नवंबर को आएंगे। 

Advertisement
     

Related Articles

Back to top button