उत्तराखंड

हनोल जागरा मेले की तैयारियां तेज, वन डिस्ट्रिक्ट-वन फेस्टिवल की तर्ज पर होगा भव्य आयोजन

प्रसिद्ध श्री महासू देवता मंदिर, हनोल में आयोजित होने वाले जागरा मेला-2026 को इस बार भव्य और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। जिला प्रशासन मेले का आयोजन ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन फेस्टिवल’ की तर्ज पर करने की तैयारी में जुट गया है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य, सफाई, बिजली और पार्किंग समेत सभी व्यवस्थाओं को पुख्ता करने की तैयारी शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जागरा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
13 सितंबर की रात पारंपरिक जागर, 14 को धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम
हनोल में 13 और 14 सितंबर 2026 को जागरा मेले का आयोजन होगा। 13 सितंबर की रात पारंपरिक जागर कार्यक्रम होगा, जबकि 14 सितंबर को विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
डीएम ने कहा कि हनोल मेला क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
ट्रैफिक प्लान और पार्किंग पर विशेष फोकस
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर डीएम ने पुलिस और संबंधित विभागों को पहले से प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं और वाहनों की संभावित संख्या को देखते हुए पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण करने तथा वाहनों के आवागमन की स्पष्ट व्यवस्था बनाने को कहा गया है।
पुलिस को पर्याप्त बल की तैनाती और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, संभागीय परिवहन अधिकारी को वाहनों की ओवरलोडिंग पर विशेष नजर रखने और सार्वजनिक परिवहन समेत अन्य वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पेयजल और सफाई की होगी पर्याप्त व्यवस्था
जल संस्थान को मेला अवधि में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार पेयजल टैंकरों की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित की जाएगी।
मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी। नियमित कूड़ा निस्तारण के साथ मोबाइल टॉयलेट और अस्थायी शौचालयों की भी व्यवस्था की जाएगी।
सड़कों की मरम्मत मेला शुरू होने से पहले
लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को हनोल पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां सड़क मरम्मत, पैचवर्क, सफाई या अन्य सुधार की जरूरत है, वहां काम मेला शुरू होने से पहले पूरा करने को कहा गया है।
24 घंटे उपलब्ध रहेगी एंबुलेंस सेवा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मेला स्थल पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक दवाइयों, उपकरणों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के साथ 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
इसके अलावा मेला क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और किसी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सभी विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश
डीएम ने अधिकारियों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मेले को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र जुवांठा, उप जिलाधिकारी चकराता प्रेमलाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी विकासनगर विवेक सिंह कुटियाल, सदर स्याणा चमन सिंह, वरिष्ठ सदस्य चंदन राजगुरु, कोषाध्यक्ष रघुवीर सिंह रावत समेत लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई, स्वास्थ्य, परिवहन, जल संस्थान, जिला पंचायत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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