राजनीति

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में अंतर राज्यीय परिषद का पुनर्गठन  

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में अंतर राज्यीय परिषद का पुनर्गठन  किया गया है। अंतर राज्यीय परिषद केंद्र-राज्य और अंतर राज्यीय समन्वय एवं सहयोग के लिए काम करती है। परिषद के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वहीं गृह मंत्री अमित शाह अंतर-राज्यीय परिषद की स्थायी समिति की अध्यक्षता करेंगे। परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और नौ केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य बनाए गए हैं। साथ ही 13 केंद्रीय मंत्रियों स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। गृह मंत्रालय से जारी अधिसूचना के अनुसार, एनडीए के सहयोगी दलों जनता दल (यूनाइटेड), जनता दल (सेक्युलर), तेलुगुदेशम पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी से जुड़े केंद्रीय मंत्री पुनर्गठित परिषद का हिस्सा हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि पीएम मोदी इसके अध्यक्ष होंगे। विधानसभा वाले सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री तथा विधानसभा न रखने वाले केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्य होंगे। परिषद का उद्देश्य देश में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने और समर्थन देने के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा बनाने के अलावा केंद्र-राज्य और अंतरराज्यीय समन्वय एवं सहयोग के लिए काम करना है। परिषद के सदस्यों में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, जगत प्रकाश नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, मनोहर लाल खट्टर, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, वीरेंद्र कुमार और राममोहन नायडू शामिल हैं। परिषद के स्थायी आमंत्रित सदस्यों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, एस जयशंकर, एचडी कुमारस्वामी, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, जीतनराम मांझी, जुएल ओरांव, अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव, किरेन रिजिजू, जी किशन रेड्डी, चिराग पासवान और सीआर पाटिल हैं।  
स्थायी समिति का पुनर्गठन, अमित शाह करेंगे अध्यक्षता
केंद्र सरकार ने सोमवार को अंतर-राज्यीय परिषद की स्थायी समिति का पुनर्गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। समिति में 12 सदस्यों को भी शामिल किया गया है। सोमवार को इस संबंध में केंद्र की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। इनमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, राजीव रंजन सिंह, वीरेंद्र कुमार और सीआर पाटिल के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, असम, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्थायी समिति का हिस्सा बनाया गया है।

क्या है अंतर-राज्यीय परिषद 
बता दें कि अंतर-राज्यीय परिषद में केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े जिन मामलों पर विचार किया जाता है, स्थायी समिति उन सब पर विचार करती है। परिषद की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया पर भी इसकी नजर रहती है। इसके अलावा परिषद या इसके अध्यक्ष की ओर से भेजे गए मामलों पर भी यह विचार करती है। उल्लेखनीय है कि सरकारिया आयोग की सिफारिश के अनुरूप 28 मई, 1990 को राष्ट्रपति के आदेश के जरिये अंतर-राज्यीय परिषद का गठन किया गया था।  

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