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उत्तराखंड

Uttarakhand News- नम आंखों से दी गई विदाई: राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी, बेटे मनीष ने दी मुखाग्नि, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब….

हरिद्वार. पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से.नि.) को हरिद्वार स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे. मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से.नि.) की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर वर्ग के लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. अंतिम संस्कार के दौरान सेना और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी. उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की.

इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि खंडूड़ी का निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने सेना, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शिता और अनुशासन के साथ उत्कृष्ट कार्य किए. वह हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे. उनकी कमी एक अभिभावक के रूप में हमेशा महसूस होगी.

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी का जीवन सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का उदाहरण रहा. उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सेना अधिकारी के रूप में हर दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाया. उनके कार्यों को उत्तराखण्ड ही नहीं, पूरा देश हमेशा याद रखेगा. सुशासन और लोकपाल जैसे महत्वपूर्ण विचारों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान प्रेरणादायक रहा.

2 बार रह चुके हैं शामिल

2007 में पहली बार खंडूरी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे. मार्च 2007 से लेकर जून 2009 तक राज्य की कमान संभाली थी. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधार, सड़क निर्माण और पारदर्शिता को लेकर कई अहम फैसले लिए. हालांकि, 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. 2011 में एक बार फिर उन्हें उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया था. उन्होंने सितंबर 2011 से लेकर मार्च 2012 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था.

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