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ग्रह डालते हैं जीवन पर गहरा असर, आइए जानते हैं, शश और हंस महापुरूष योग द्वारा सुपरस्टार चिरंजीवी की कहानी ग्रहों के जुबानी

ग्रहों का हमारे जीवन पर हमेशा ही असर रहता है. इस बात को कई लोग मानते हैं, कुछ कम मानते हैं, और कई लोग इस बात को नकार भी देते हैं. लेकिन सच तो यही है, कि यह सभी पर असर करते हैं. जैसे कि अगर हम तो एक सफल अभिनेता के ग्रहों के योग के साथ साथ ग्रहों के महादशा भी उतनी ही ज़रूरी होती है, अभिनय के दुनिया में अपनी जगह, रुतवा दर्शकों के मन में अपने लिये अपार प्यार और विश्वास बनाये रखने के लिये अभिनेताये अपनी अभिनय के जोर पर दर्शकों के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डालते है दक्षिण भारत में तो कुछ अभिनेताओं को लोग भगवान तुल्य मानते है.

आइए जानते हैं, इस मामले पर ज्योतिष डॉ मधु प्रिया प्रसाद ने क्या जानकारी दी. उन्होंने बताया मेगास्टार चिरंजीवी ने भारतीय सिनेमा में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय फ़िल्म स्टार के तौर पर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया. चिरजीवी का जन्म 22.8.1955, 10-11 am के बीच नरसापुर में ,पंचमहापुरूष में से दो योगों के साथ हुआ.

तुला लग्न में जन्मे चिरंजीवी के लग्न में ही उच्च के शनि विधमान होकर शश महापुरूष योग बना रहे है ,इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति उच्चपदाधिकारी, राजनेता, न्यायाधिपति ,दीर्घायु होता है. साथ में दसम भाव में केंद्र में उच्च के वृहस्पति से हंस नामक महापुरूष योग बन रहा है. इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान व आध्यात्मिक होता है एवं विद्वानों द्वारा प्रशंसनीय होता है.

वृहस्पति के दशा में 1977 में इन्होंने अपना कैरियर शुरू किया 1982 -83 में वृहस्पति में शनि के अंतरदशा ने चिरंजीवी को अभिनेता से सुपरस्टार बना दिया. और सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते गए.
दसम भाव पर शनि और राहु के दृष्टि के कारण जब शनि के महादशा में राहु की अंतर् दशा में इन्होंने प्रजाराज्यम नामक एक रणनीति पार्टी के नींव भी रखी.

स्वगृही सूर्य के एकादश लाभ स्थान में भावेश बुध और लग्नेश शुक्र का सप्तमेश मंगल के युति के कारण इन्हें बार बार सम्मान और देश विदेश में प्रसिद्धि मिलती रही पद्म विभूषण पद्म भूषण गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम इन्हें ग्रहों के शुभ प्रभाव का असर है.

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