राजनीति

एनसीपी नेता अजित पवार ने योगी के हिंदुत्ववादी बयानों से किया किनारा

कहा-बीजेपी स्टार प्रचारकों से नहीं कराएंगे चुनाव प्रचार, मोदी-शाह की रैली भी नहीं

पुणे। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर एनसीपी के अध्यक्ष अजित पवार ने चुनावी रणनीति को लेकर कुछ फैसले लिए हैं। उन्होंने बीजेपी के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्ववादी बयानों से किनारा कर लिया है और अब उन्होंने पीएम मोदी से भी अपनी विधानसभा बारामती में प्रचार करने की अपील नहीं की है। अजित पवार का कहना है कि बारामती में परिवार के बीच ही चुनावी लड़ाई है, क्योंकि वह अपने भतीजे युगेंद्र पवार के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। अजित पवार ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं, जैसे अमित शाह को अपनी चुनावी सभाओं से दूर रखने का फैसला लिया है। उनका मानना है कि प्रचार के लिए समय की कमी और चुनाव खर्च की सीमा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा उनका यह भी कहना है कि बारामती में बीजेपी नेताओं के हिंदूत्ववादी बयान से उनकी पार्टी के वोटर नाराज हो सकते है, इसलिए उन्होंने इसे टालने का फैसला लिया है।

9 नवंबर को अकोला और नांदेड़ में रैलियां 
पीएम मोदी का चुनावी अभियान शुक्रवार से शुरू हो गया है और वह 9 नवंबर को अकोला और नांदेड़ में रैलियां करेंगे। साथ ही बीजेपी के अन्य नेता जैसे अमित शाह भी चुनावी सभाओं में हिस्सा लेंगे, लेकिन अजित पवार की रणनीति के तहत इन नेताओं को उनकी पार्टी के चुनावी क्षेत्रों से दूर रखा जाएगा। अजित ने अपनी चुनावी स्थिति को लेकर आत्मविश्वास दिखाते हुए कहा कि वह बारामती में अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से निश्चिंत हैं और उम्मीद जताई कि जीत का अंतर बड़ा होगा। 2019 के राज्य चुनावों में उन्होंने रिकॉर्ड 1.65 लाख वोटों से जीत हासिल की थी, लेकिन बीजेपी के साथ गठबंधन के बाद उन्हें कुछ परंपरागत वोटरों से नुकसान हुआ था। अब वह महायुति के साथ रणनीतिक रूप से हैं, लेकिन अपनी पारंपरिक वोट बैंक को नाराज नहीं करना चाहते हैं। अजित पवार की यह रणनीति आगामी चुनावों में उनके लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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