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देहरादून में ‘मायरा केयर फाउंडेशन’ का आगाज़: ऑटिज़्म केयर और शिक्षा के क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय पहल

देहरादून में ‘मायरा केयर फाउंडेशन’ का आगाज़: ऑटिज़्म केयर और शिक्षा के क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय पहल

देहरादून, उत्तराखंड: ऑटिज़्म तथा बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता (Intellectual & Developmental Disabilities) से जुड़े व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित संस्था, ‘मायरा केयर फाउंडेशन’ ने देहरादून में अपने विश्वस्तरीय और समग्र ऑटिज़्म केयर एवं लर्निंग मॉडल की घोषणा की है। संस्था का औपचारिक शुभारंभ (Grand Launch) आगामी जनवरी माह में प्रस्तावित है।

यह पहल उत्तराखंड में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आई है।

दूरदर्शी सोच और नेतृत्व

मायरा केयर फाउंडेशन की स्थापना डॉ. निशांत नवानी (संस्थापक) की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य विज्ञान, संवेदनशीलता, संरचना और मानवीय गरिमा को एक मंच पर लाना है। संस्था की सह-संस्थापक डॉ. जया नवानी, जो एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक हैं, मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरो-डेवलपमेंटल समावेशन के क्षेत्र में अपनी गहरी विशेषज्ञता के साथ इस मिशन का नेतृत्व कर रही हैं।

डॉ. निशांत नवानी ने कहा, “मायरा केयर फाउंडेशन केवल एक केंद्र नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। यह पहल इस विश्वास से जन्मी है कि सही मार्गदर्शन और संरचना के साथ ऑटिज़्म से जुड़े हर व्यक्ति की क्षमताओं को निखारा जा सकता है।”

अंतरराष्ट्रीय सहयोग: Shine Avi Learning USA

मायरा केयर फाउंडेशन की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘Shine Avi Learning USA’ द्वारा संचालित होना है। यह ऑटिज़्म शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और प्रमाण-आधारित (Evidence-based) लर्निंग फ्रेमवर्क है। यह साझेदारी भारत में ऑटिज़्म हस्तक्षेप (Intervention) और शिक्षा के मानकों को वैश्विक स्तर पर ले जाने का कार्य करेगी।

वैश्विक अनुभव का लाभ

संस्था की ऑपरेशन्स हेड,  अनीता शर्मा हैं, जो एक अमेरिकी नागरिक हैं और जिनके पास ऑटिज़्म शिक्षा एवं एडवोकेसी के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का विशाल अनुभव है।

अनीता शर्मा को उनके योगदान के लिए न्यू जर्सी राज्य के गवर्नर अवॉर्ड, इंडियन एकेडमी अवॉर्ड तथा संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार की ओर से आधिकारिक ‘प्रो-क्लेमेशन’ से सम्मानित किया जा चुका है। वे मायरा केयर में पाठ्यक्रम अनुकूलन और ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज (Global Best Practices) के क्रियान्वयन का नेतृत्व करेंगी।

अनीता शर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल बच्चों के साथ काम करना नहीं है, बल्कि माता-पिता को मार्गदर्शन देकर दीर्घकालिक और टिकाऊ प्रगति सुनिश्चित करना है।”

प्रमुख कार्यक्रम और सेवाएँ

मायरा केयर का उद्देश्य 8 माह से लेकर 30 वर्ष तक के व्यक्तियों को उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से परे एक ‘वन-स्टॉप सेंटर’ पर समग्र सेवाएँ उपलब्ध कराना है:

 * अर्ली इंटरवेंशन प्रोग्राम (8 माह – 3 वर्ष): यह प्रोग्राम संचार, संवेदी एकीकरण (Sensory Integration) और विकासात्मक पड़ावों (Developmental Milestones) पर केंद्रित है।

 * वन-ऑन-वन समग्र लर्निंग प्रोग्राम (3 – 15 वर्ष): Shine Avi Learning USA द्वारा संचालित इस प्रोग्राम में भाषा विकास, अकादमिक कौशल, सामाजिक-भावनात्मक सीख और जीवन कौशल शामिल हैं।

 * इंडिपेंडेंट वर्क टास्क सिस्टम एवं वोकेशनल रेडीनेस (15 – 30 वर्ष): युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता, रोजगार योग्यता और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रशिक्षण।

 * पैरेंट मेंटरशिप एवं एम्पावरमेंट प्रोग्राम: यह मॉडल का एक मुख्य स्तंभ है, जो माता-पिता को प्रशिक्षित कर उन्हें अपने बच्चे की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाता है।

 * सामुदायिक जागरूकता: समाज में ऑटिज़्म के प्रति समझ बढ़ाने और इससे जुड़े कलंक (Stigma) को मिटाने के लिए विशेष अभियान।

संस्था के बारे में

मायरा केयर फाउंडेशन एक मिशन-आधारित संस्था है, जो वैश्विक विशेषज्ञता और स्थानीय समर्पण के संगम से भारत में ऑटिज़्म देखभाल की दिशा बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था एक ऐसे समाज की कल्पना करती है जहाँ ऑटिज़्म से जुड़ा हर व्यक्ति सम्मान और उद्देश्यपूर्ण जीवन जी सके।

NewsGrid Desk

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