उत्तराखंड

Uttarakhand News: सीएम धामी ने उमेश अग्रवाल की 66वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा— उनका जीवन समाज और राष्ट्र सेवा को समर्पित रहा…..

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जी.एम.एस रोड, देहरादून में उमेश अग्रवाल की 66वीं जयन्ती के अवसर पर आयोजित मातृ-पितृ भक्ति दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय उमेश अग्रवाल की जयंती पर उन्हें श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन संगठन, समाज और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। स्वर्गीय उमेश ने देहरादून में भाजपा के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।

वरिष्ठजन हमारे परिवार के संरक्षक

सीएम धामी ने बताया कि उन्होंने हमेशा जनसेवा और विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखा। उन्होंने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के कार्यकारी अध्यक्ष तथा दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक के रूप में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष किया। वरिष्ठजन हमारे परिवार के संरक्षक के साथ संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के जीवंत वाहक भी होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी कार्य कर रही है।

वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹1500 पेंशन प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वृद्धजनों को पेंशन दी जा रही है। इसमें पात्र, पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ भी दिया जा रहा है।
केंद्र सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें करीब 20 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रत्येक जनपद में कम से कम 50 व्यक्तियों को मास्टर ट्रेनर बनाने के साथ ही 150 व्यक्तियों को जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी प्रदान कर रही है। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की नि:शुल्क सर्जरी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने बदलते समय के साथ रिश्तों में आई चुनौतियों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम भी लागू किया है, जिसके तहत बुजुर्गों को यह कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाता है कि वे अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकें।

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