https://www.facebook.com/UttarakhandDIPR
उत्तराखंड

Uttarakhand News: उत्तराखंड में साहित्य को मिलेगा नया आयाम: लेखकों-साहित्यकारों से संवाद के बीच सीएम धामी ने दो साहित्य ग्राम बनाने की तैयारी का किया ऐलान….

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन, देहरादून में प्रदेश भर से आए वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों के साथ संवाद किया. इस अवसर पर साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी-अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं. मुख्यमंत्री ने प्रत्येक लेखक से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके साहित्यिक योगदान और वर्तमान लेखन पर विस्तार से चर्चा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं. उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक चेतना के संवर्धन में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सशक्त साहित्यिक वातावरण तैयार करने और साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड महर्षि वेदव्यास सहित अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि एवं कर्मभूमि रही है. इस पावन भूमि ने ऐसे साहित्यकार दिए हैं, जिन्होंने भारतीय साहित्य को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की संस्कृति विकसित करने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे.

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के माध्यम से प्रदेश के पुराने, बिखरे एवं अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य कर रही है. उत्तराखण्ड को साहित्यिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है. साहित्यकारों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए वर्ष 2022 में ‘उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान’ तथा वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ प्रारम्भ किए गए हैं.

हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री ने अपना सहयोग प्रदान किया. उन्होंने ‘लेखकों से संवाद’ कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की.

गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग में “एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य” थीम पर सार्वजनिक पुस्तकालय के लिए पुस्तक संग्रह अभियान संचालित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें समाज में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं. उनका यह योगदान पुस्तक दान की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं में अध्ययन की आदत को भी प्रोत्साहित करेगा.

Advertisement
     

Related Articles

Back to top button