
धोलास जमीन प्रकरण पर हरक सिंह रावत का खुलासा
देहरादून 13 फरवरी 2026 :उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रावत ने न केवल प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि बहुचर्चित धोलास जमीन प्रकरण को लेकर सीधे मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जड़े हैं।
हरक सिंह रावत ने राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। रावत के अनुसार,राजधानी में सरेआम हो रही घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस और प्रशासन का नियंत्रण पूरी तरह खो चुका है।
धोलास जमीन प्रकरण पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए हरक सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि नारायण दत्त तिवारी सरकार के समय केवल सैद्धांतिक अनुमति दी गई थी, जो पूरी तरह नियमानुसार थी। उन्होंने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि पुरानी सरकारों का नाम लेकर वर्तमान के घोटालों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता। उन्होंने दावा किया कि धोलास में जमीनों की जो भी बंदरबांट हुई है, वह मुख्य रूप से वर्ष 2024 से 2026 के बीच मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कालखंड में नियमों को दरकिनार कर बेशकीमती जमीन में करोडों का खेल किया गया।
रावत ने सीधे तौर पर कहा कि भ्रष्टाचार का यह खेल वर्तमान सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहा है।



