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उत्तराखंड सरकार सतर्क: पर्यटन सीजन से पहले मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा, FDA टीम करेगी निरीक्षण…

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा, मानसखंड यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और आगामी पर्यटन सीजन को लेकर उत्तराखण्ड सरकार पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मिलावटखोरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम हो रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) डॉ. आर राजेश कुमार के निर्देश पर अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में FDA की टीम कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के दौरे पर रवाना हो गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा, मानसखंड यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा न केवल हमारी आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। इन यात्राओं के दौरान प्रदेश में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, इसलिए उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रा मार्गों पर कहीं भी मिलावटी खाद्य सामग्री, नकली दवाईयां या अस्वच्छ खानपान न मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन सीजन के दृष्टिगत भी हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यात्रियों और आम जनता की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य में मिलावट रहित और शुद्ध खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और FDA पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। अपर आयुक्त के नेतृत्व में टीम को गढ़वाल व कुमाऊँ मंडल के दौरे पर रवाना किया गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर यात्रा मार्ग पर मेडिकल और खाद्य सुरक्षा सुविधाएं सक्रिय रहें। FDA द्वारा मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स और निगरानी टीमें लगातार सक्रिय हैं। इसके साथ ही सभी जिलों में जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

आज अपर आयुक्त श्री ताजबर सिंह जग्गी एवं संयुक्त आयुक्त डॉ. आर.के. सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग स्थित सजनपुर और चिंडियापुर क्षेत्र के ढाबों व भोजनालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गम्भीर अनियमितताएं पाए जाने पर भोजनालय के फूड लाइसेंस 7 दिन के लिए निलंबित कर दिए गए। इन ढाबों में खुले वॉशिंग एरिया, सड़ी-गली खाद्य सामग्री, खुले मसालों का उपयोग, गंदगी व बदबूदार किचन आदि प्रमुख कमियां पाई गईं।

सजनपुर स्थित एक ढाबे को आवश्यक दस्तावेज न देने और खाद्य सामग्री की गलत ढंग से स्टोरेज करने पर नोटिस जारी किया गया। सभी संचालकों को 7 दिन के भीतर सुधार कर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर स्थायी लाइसेंस रद्द कर, एफएसएस एक्ट 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

हल्द्वानी और उधमसिंहनगर जनपदों में निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सामग्री विक्रेताओं, मिठाई दुकानों, होटल-ढाबों और मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई। टीम ने कई स्थानों पर साफ-सफाई में लापरवाही, एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री, लाइसेंस की अनुपलब्धता और खाद्य मानकों के उल्लंघन जैसी गंभीर अनियमितताएं पाईं। कई दुकानों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने व कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

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