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पर्यटन

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बदली छबीला यालम की जिंदगी, सम्मानजनक विवाह के साथ मिली आत्मनिर्भरता की राह….

 रायपुर: राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए संबल साबित हो रही है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम परियोजना अंतर्गत ग्राम मेट्टुपल्ली की बेटी छबीला यालम इसका प्रेरक उदाहरण हैं। इस योजना की मदद से उनका विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हुआ और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला।

आर्थिक चिंता से मिली राहत

छबीला के पिता श्री बाबू यालम और माता श्रीमती सरिता यालम साधारण किसान परिवार से हैं। वे अपनी बेटी को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन विवाह के बढ़ते खर्च को लेकर चिंतित थे। सीमित आय के कारण विवाह की व्यवस्था करना परिवार के लिए कठिन हो रहा था।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दी योजना की जानकारी

इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शकुंतला मट्टी ने परिवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के बारे में बताया। उनके मार्गदर्शन में परिवार ने 25 जनवरी 2026 को आवेदन किया और योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया पूरी की।

सामूहिक विवाह में हुआ गरिमामय आयोजन

योजना के तहत 10 फरवरी 2026 को बीजापुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में छबीला यालम का विवाह ग्राम मेट्टुपल्ली निवासी श्री पवन वासम के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। समारोह में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शासन द्वारा की गईं और वर-वधू सहित उनके परिवारों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

50 हजार रुपये की सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत छबीला को 50 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इसमें 15 हजार रुपये की उपहार सामग्री एवं आयोजन व्यय तथा 35 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में प्रदान की गई। छबीला ने इस सहायता राशि का उपयोग सिलाई मशीन खरीदने में किया और स्वरोजगार शुरू किया। आज वे सिलाई कार्य के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं। आवश्यक खर्चों के बाद शेष राशि उन्होंने भविष्य की जरूरतों के लिए बैंक में जमा कर रखी है।

सामाजिक बदलाव की भी मिसाल

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सुधार का भी माध्यम बन रही है। सामूहिक विवाह के जरिए अनावश्यक खर्च और दहेज जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने में मदद मिल रही है। साथ ही समाज में समानता, सहयोग और भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा मिल रहा है।

सपनों को मिले नए पंख

आज छबीला यालम आत्मविश्वास के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर चुकी हैं। स्वरोजगार के जरिए वे आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने न केवल उनके परिवार की चिंता दूर की, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से भरा नया भविष्य भी दिया है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उनके जीवन में खुशियों, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।

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