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उत्तराखंड

उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, जान से मारने की साजिश का आरोप

उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री ने 15 अक्टूबर को कैंट थाने में तहरीर देकर पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने एक ऑडियो का हवाला देते हुए खुद और अपने नाबालिग बच्चों की जान को खतरा बताया है। साथ ही पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
रेखा आर्य की शिकायत के अनुसार, उनके पति ने पहली शादी की बात छिपाकर उनसे विवाह किया था। बाद में अन्य महिलाओं से संबंधों का विरोध करने पर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। मंत्री ने सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी के निदेशक पद से हटाने का भी आरोप लगाया है।
पहली शादी की बात छिपाकर विवाह करने का आरोप
कैंट थाने में दी गई तहरीर में रेखा आर्य ने बताया कि उनका विवाह गिरधारी लाल साहू निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश के साथ छह जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। उनका आरोप है कि विवाह के समय पति ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। शादी के कुछ वर्षों बाद उन्हें पता चला कि पति पहले से विवाहित थे और पहली शादी से उनके बच्चे भी हैं।
तहरीर के मुताबिक, तब तक रेखा आर्य के भी बच्चे हो चुके थे। परिवार के समझाने और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने उस समय इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
विरोध करने पर मारपीट और अपमानित करने का आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से उनके पति का व्यवहार बदल गया था। उन्हें पति के अन्य महिलाओं से संबंधों की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने के बाद पति ने कथित तौर पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन इसके बावजूद व्यवहार में बदलाव नहीं आया।
रेखा आर्य के अनुसार, विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी आवास में मौजूद स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित किया गया।
फर्जी हस्ताक्षर से निदेशक पद से हटाने का दावा
रेखा आर्य ने कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों में कथित धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया है। तहरीर के अनुसार, उनके कूटरचित हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाया हुआ दर्शाया गया।
मंत्री का कहना है कि उन्होंने न तो इस संबंध में कोई दस्तावेज निष्पादित किया और न ही निदेशक पद से हटने के लिए कोई त्यागपत्र दिया। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ऑडियो के आधार पर जान से मारने की साजिश की आशंका
मंत्री ने अपनी शिकायत में एक ऑडियो का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि इसमें उनके पति एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है।
रेखा आर्य ने पुलिस से ऑडियो समेत शिकायत में उल्लेखित सभी आरोपों की गंभीरता से जांच करने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती हुईं मंत्री
इधर, बृहस्पतिवार देर शाम तबीयत बिगड़ने पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को डालनवाला स्थित कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनके अस्पताल में भर्ती होने की वजह और स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है। शिकायत और अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद प्रदेश में यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है।

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