पर्यटन

बाल मधुमेह और बच्चों का स्वस्थ भविष्य – जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम

“बाल मधुमेह और बच्चों का स्वस्थ भविष्य – जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम


  1. कवर्धा: बच्चों में बढ़ते मधुमेह, विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार एवं समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एकम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय (तीन सत्रों में) उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
    इस कार्यशाला में जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और मितानिन प्रशिक्षक सहित कुल 256 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को टाइप-1 डायबिटीज के प्रभाव, लक्षणों की शीघ्र पहचान, समयानुकूल उपचार एवं समग्र प्रबंधन के संबंध में तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे समुदाय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान निम्न प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई:

• टाइप-1 डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन
• परामर्श (काउंसलिंग) एवं रोगी सहायता समूहों की भूमिका
• समुदाय आधारित जागरूकता रणनीतियाँ
• मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग का महत्व
प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों एवं अनुभव साझा करते हुए विषय की गहन समझ विकसित की, जिससे भविष्य में बेहतर रोगी देखभाल की संभावनाएँ मजबूत हुईं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तूरे ने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक कदम बताया।
प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ की टीम द्वारा, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के समन्वित प्रयासों से आयोजित इस प्रशिक्षण में सभी प्रतिभागियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही, जो निकट भविष्य में बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
इस अवसर पर जिला स्तर के अधिकारियों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ, जिनमें जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती अनुपमा तिवारी, सुश्री आकांक्षा जिला सलाहकार गैर संचारी रोग व गौरव सोनी सहायक नोडल शामिल रहे l

जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह विश्वास व्यक्त किया गया है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बाल मधुमेह की समय पर पहचान एवं प्रबंधन सुनिश्चित कर बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकेगी। आगामी माह में यूनिसेफ के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों के लिए जिले द्वारा सहमति दिया गया जिसमें रोगी सहायता समूह, पंचायत राज बैठक, स्व सहायता समूह बैठक, बैगा गुनिया सम्मेलन, सामाजिक कल्याण शिविर, स्क्रीनिंग शिविर, मिड मीडिया गतिविधि आदि शामिल हैं l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button