उत्तराखंड

Uttarakhand News- चारधाम यात्रा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को दिए कड़े निर्देश, कहा- अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत FIR करें….

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देवभूमि उत्तराखण्ड की जीवन रेखा चारधाम यात्रा को इस वर्ष हर दृष्टि से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री धामी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यात्रा में हर पक्ष विशेषकर,हेली सेवाओं के संबंध में व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए | देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है |

मुख्यमंत्री धामी ने पिछले वर्ष प्रारंभ की गई ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ मुहिम को इस बार और अधिक प्रभावी रूप में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कलेक्शन बॉक्स स्थापित करने तथा प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा को लेकर कोई भी भ्रामक या अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि यात्रा को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। हेली सेवाओं के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित SOP का पूरी सख्ती से पालन किया जाए, सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य हो तथा ऑपरेशनल ओवरलोडिंग से बचने के लिए समय-समय पर सेवाओं को पर्याप्त विश्राम दिया जाए।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और थीम आधारित इंस्टॉलेशन विकसित करने के साथ-साथ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और साइनेज को बेहतर बनाने को कहा। आपूर्ति व्यवस्था को लेकर धामी ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए और अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त कर दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और आवश्यकतानुसार अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सालयों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही CSR और अन्य संसाधनों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने शौचालय, विश्राम स्थल (शेल्टर) और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए लंबा इंतजार न हो, इसके लिए स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए तथा रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाए।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को और मजबूत करते हुए भीड़भाड़ वाले रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने और आवश्यकतानुसार AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में पुलिस एवं होमगार्ड्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम की स्थिति बिल्कुल उत्पन्न न हो और इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान और संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।

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