देहरादून: राजधानी में कांग्रेस का हल्लाबोल, राजभवन घेराव के दौरान पुलिस से तीखी झड़प

देहरादून: राजधानी में कांग्रेस का हल्लाबोल, राजभवन घेराव के दौरान पुलिस से तीखी झड़प
देहरादून 16 फरवरी 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई। प्रदेश में बढ़ता अपराध,बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में राजभवन घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों और पुलिस के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की और तीखी झड़प देखने को मिली।
भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग:
राजभवन कूच में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने हाथीबड़कला और राजपुर रोड क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोकने की कोशिश की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस को उन्हें नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर सरकार को घेरा:
* अंकिता भंडारी केस: हत्याकांड के ‘वीआईपी’ का नाम उजागर करने और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने में हो रही देरी।
* भर्ती घोटाले: प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।
* महंगाई और कानून व्यवस्था: प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, राजधानी देहरादून में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है हाल ही में दिन दहाड़े हुई हत्याओं पर कांग्रेस खासी आक्रामक नजर आई साथ ही आसमान छूती महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
नेताओं के तीखे तेवर
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “सरकार जनभावनाओं को कुचलने का काम कर रही है। चाहे अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात हो, बढ़ते अपराध की या युवाओं के रोजगार की, भाजपा सरकार केवल दमनकारी नीतियां अपना रही है। मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात हो या धोलास जमीन घोटाला सरकार हर मुद्दे पर तुष्टीकरण करना चाहती है कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।” घेराव में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित कई विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने बाद में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें देर शाम निजी मुचलके पर रिहा किया गया।


