
कैबिनेट ने सख्त भू-कानून को दी मंजूरी
देहरादून 19 फरवरी 2025: प्रदेश की जनता की लंबे समय से उठ रही मांग और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए आज कैबिनेट ने सख्त भू-कानून को मंजूरी दे दी है। सरकार का यह ऐतिहासिक कदम राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा, साथ ही प्रदेश की मूल पहचान को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि हमारी सरकार जनता के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हम कभी भी उनके विश्वास को टूटने नहीं देंगे। इस निर्णय से यह स्पष्ट हो जाता है कि हम अपने राज्य और संस्कृति की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। निश्चित तौर पर यह कानून प्रदेश के मूल स्वरूप को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।
*उत्तराखंड के मूल स्वरूप, संस्कृति और संसाधनों की रक्षा के लिए सख्त भू-कानून ऐतिहासिक कदम : ‘निशंक’
उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा प्रदेश में सख्त भू-कानून को मंजूरी दिए जाने पर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी को हार्दिक बधाई और आभार व्यक्त किया।
डॉ. निशंक ने कहा कि, “उत्तराखंड की जनता की वर्षों पुरानी मांग और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया यह निर्णय प्रदेश के स्वाभिमान, संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह केवल एक भू-कानून नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ियों के उज्जवल भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है।”
उन्होंने आगे कहा कि डबल इंजन की सरकार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि उत्तराखंड के विकास, आत्मनिर्भरता और मूल पहचान को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन से यह सपना साकार हो सका है, जिसके लिए वह हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
डॉ. निशंक ने प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “हम सब मिलकर अपने राज्य की संस्कृति, परंपरा और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए सतत प्रयासरत रहेंगे और उत्तराखंड को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।”
भाजपा प्रवक्ता और राजपुर विधायक श्री खजान दास ने भू कानून संशोधन विधेयक की कैबिनेट मंजूरी को ऐतिहासिक बताया है।
उन्होंने जनभावनाओं के अनुरूप, इस निर्णायक कदम लेनें के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी समस्त कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि सरकार के इस कदम से चुनावों में जनता से किए पार्टी के एक और संकल्प को पूरा करने की स्थिति में पहुंच गए हैं। हालांकि इस विषय को लेकर हमारी मंशा तो कानून के अस्तित्व में आने से पूर्व ही नजर आने लगी थी। जिसके क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य में उन सभी जमीनी अवैध खरीदफरोख्त की जांच की जा रही है, जो विगत वर्ष में कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई। हमारी सरकार का स्टैंड स्पष्ट है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनकी संपत्ति को वापस सरकार में निहित किया जाएगा ।
जनता से किये वायदे को पूरा करने वाला है धामी सरकार का कड़ा भू कानून: भट्ट
भ्रम फैलाने की अपेक्षा कांग्रेस को सुझाव और चर्चा मे शिरकत की जरूरत
भाजपा ने कैबिनेट द्वारा भू कानून संशोधन विधेयक की मंजूरी पर खुशी जताते हुए इसे जनता से किया गया एक और वायदा पूर्ण करने वाला बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने मीडिया को दी प्रतिक्रिया मे मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ठोस कदम राज्य के भू संसाधनों और मूल स्वरूप के संरक्षण को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने सख्त भू कानून निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। भट्ट ने कहा कि भाजपा राज्य निर्माण से लेकर उसके चौमुखी विकास के प्रति कटिबद्ध रही है। जिसमें प्रदेश की संस्कृति और उसके मूल स्वरूप को बरकरार रखना सर्वोपरी है। उसमें भी राज्य के सीमित भू संपदा और संसाधनों के संरक्षण को लेकर हमारी सरकारें हमेशा प्रयास करती रही हैं। जनसामान्य की भावना और प्रदेश की जरूरत समझते हुए भाजपा ने विधानसभा चुनावों में कठोर भू कानून लाने का संकल्प लिया था। जिसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार में आते ही इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था। जिसने इस कानून से जुड़े प्रदेश के सभी हितधारकों से विचार विमर्श कर अपनी रिपोर्ट तैयार की। जिसके कानूनी, प्रशासनिक एवं व्यवहारिक सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। तदोपरांत सीएम ने जनता से बजट सत्र में सदन के पटल पर इसको प्रस्तुत करने का संकल्प किया। इसी क्रम में आज कैबिनेट ने भू कानून संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है और इसे अब सदन में चर्चा के लिए रखा जाएगा। बतौर पार्टी कार्यकर्ता हम सबके लिए बेहद प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि मुख्यमंत्री ने पार्टी के चुनावी संकल्प पत्र के एक और अहम वादे की पूर्ति दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन में चर्चा के बाद जब यह कठोर भू कानून अस्तित्व में आएगा तो यह राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा मैं अहम भूमिका निभाएगा।
भट्ट ने भू कानून को लेकर भ्रामक दुष्प्रचार के लिए कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के प्राकृतिक भू संसाधनों की दुर्गति करने के लिए वह सर्वाधिक जिम्मेदार है। कांग्रेस जब सरकार में आयी तो उसने संसाधनों को लूट कर राज्य के मूल स्वरूप को बिगड़ने का पाप किया। लिहाजा जब हम इस समस्या के निदान हेतु संशोधन कानून लेकर आए हैं तो वह अड़ंगा डालने की मंशा से झूठ और भ्रम फैला रहे हैं।
उन्होंने विपक्ष के सभी विधायकों से अपील की कि सदन के अंदर उनके पास इस मुद्दे को लेकर सकारात्मक चर्चा करने का अवसर हैं। लिहाजा बाहर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय उन्हें अपने ठोस तथ्यों और उचित तर्कों के साथ चर्चा में शामिल होना चाहिए। ताकि अंतिम स्वरूप में जब यह कानून सामने आए तो जनसामान्य की भावनाओं और राज्य के संरक्षण की संतुष्टि करने वाला हो।
भाजपा विधायक विनोद चमोली ने ठोस भू कानून निर्माण की दिशा में कैबिनेट की मंजूरी का स्वागत किया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार करते हुए कहा, यह कदम राज्य के स्वरूप और भू संपदा के संरक्षण के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कहा, सख्त भू कानून को लेकर धामी सरकार का यह कदम, वादे पूरा करने को लेकर भाजपा के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को बताता है। भाजपा सरकार देवभूमि के प्राकृतिक संसाधनों और भूमि को संरक्षित करने को लेकर कटिबद्ध होकर काम कर रही है।
वहीं उन्होंने कांग्रेसी बयानबाजियों पर निशाना साधा कि राज्य निर्माण विरोधी डीएनए वालों को इस संवेदनशील मुद्दे पर ज्ञान बघारने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस की सरकारों ने तो अपने शासन में जमीन की खरीदफरोख्त को अवैध तरीके के रोजगार से जोड़ते हुए भू माफियाओं को पनपाने का काम किया है।
उन्होंने कहा, कांग्रेस को तो भू कानून के मुद्दे पर बोलने का भी नैतिक या मूल कोई भी अधिकार नहीं है। फिर भी यदि वे राज्य हित चाहती है तो उन्हें भाजपा सरकार के भू कानून लाने के प्रयासों का सदन में समर्थन और सहयोग करना चाहिए।
भू कानून ऐतिहासिक, मॉडल सीएम बनकर काम कर रहे हैं धामी: दुष्यंत
भाजपा प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री श्री दुष्यंत गौतम ने सख्त भू कानून पर धामी कैबिनेट के निर्णय को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने तारीफ करते हुए कहा, धामी, पार्टी के संकल्पों पूरा करने में मॉडल सीएम बनकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने जारी बयान में प्रदेश कैबिनेट के इस निर्णय पर देवभूमिवासियों को भावी सख्त भू कानून निर्माण के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कानून के धरातल पर उतरने से राज्य के स्वरूप और भू संसाधनों को लेकर हम सबकी चिंता दूर हो जाएगी। सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए, इस विधेयक को लेकर लंबी और विस्तृत संवैधानिक प्रक्रिया को अपनाया है। इस संशोधन के तहत सरकार ने भू कानून में जो नए प्रावधान किए हैं उसके बाद कोई भी गलत मंशा से राज्य में जमीन नहीं खरीद सकेगा। इसको बनाते समय हमने विशेष रूप से पर्वतीय भूभाग वाले 11 जनपदों को इसमें शामिल किया है। वहीं उधमसिंह नगर और हरिद्वार को औद्योगिक क्षेत्रों के चलते इससे अलग रखा गया है। इस कानून को लेकर हमारी मंशा एकदम स्पष्ट है कि प्रदेशवासियों की एक इंच भूमि पर भी भूमाफियाओं का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि वादे पूरा करने को लेकर श्री पुष्कर धामी का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने कुछ माह पूर्व ही जनता से वादा किया था कि राज्यहित में भू कानून शीघ्र सदन के पटल पर पाया जाएगा और आज उसे पूरा किया। आज हम विश्वासपूर्वक कह सकते हैं कि जो भी वादे हमारी सरकार ने उनके माध्यम से किया है वे सभी शत प्रतिशत पूरे किए गए हैं। चाहे नकल कानून की बात हो चाहे धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून, महिला आरक्षण, राज्य आंदोलनकारी आरक्षण या कोई अन्य विषय हो। इसी तरह यूसीसी लागू करने वाला हम प्रथम प्रदेश बने, 38 वे राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर प्रदेश को खेल भूमि के रूप में स्थापित किया। इसी तरह सरकार में पारदर्शिता से प्रतिभाशाली युवाओं को रिकॉर्ड 20 हजार से भी अधिक नौकरियां मिली हैं। अवैध धार्मिक अतिक्रमणों के खिलाफ कार्यवाही से 5 हज़ार एकड़ सरकारी भूमि कब्जा मुक्त की गई, उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्ट समिट में हुए करारों में से एक लाख करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे, सरकारी नौकरी में मातृ शक्ति को 30 फीसदी और राज्य आंदोलनकारियों को 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण दिया गया। शीतकालीन यात्रा आरंभ की गई जिसकी ब्रांडिंग करने अब स्वयं पीएम मोदी आ रहे हैं।



