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रूस -यूक्रेन की जंग में आपका बजट भी बिगड़ेगा यह आशंका विशेषज्ञो द्वारा पहले ही जाहिर कर दी गई थी कि रूस यूक्रेन के युद्ध से भारत में महंगाई बढ़ेगी।

यूक्रेन पर रूस के हमले के कुछ घंटे बाद ही दुनिया भर में शेयर बाजार गिरने लगे , भारत में सेन्सेक्स की 2700 अंक की गिरावट दर्ज की गई ,
दुनिया भर में कुछ ही घंटों में निवेशकों के तीन लाख करोड़ से ज्यादा रुपए डूब गए हैं ।
हमले के बाद कच्चे तेल के दामों में उछाल आना शुरू हो गया है 2014 के बाद पहली दफा कच्चे तेल के दाम $103 प्रति बैरल के पार जा रहे हैं ऐसे में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ना तय है
चुनाव के बाद पेट्रोल डीजल के दामों में 10 से ₹15 प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव है
भारत अपनी जरूरत की आधे से ज्यादा गैस यूक्रेन से आयात करता है जिसके दामों में कई गुना की वृद्धि संभव है सूरजमुखी, पाम ऑयल आदि के खाद्य तेलों में भारत रूस और यूक्रेन के आयात पर निर्भर रहता है ऐसे में खाद्य तेलों के दाम बढ़ना भी तय है।
युद्ध की वजह से भारत के फार्मास्यूटिकल उद्योग को भी भारी झटका लगा है भारत यूक्रेन का तीसरा बड़ा निर्यातक देश है ।कई भारतीय कंपनियों का यूक्रेन में ऑफिस है युद्ध की स्थिति में भारत के दवा बाजार को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
आंकड़ों के मुताबिक भारत के करीब 20000 छात्र मेडिकल व अन्य कोर्सेज की पढ़ाई यूक्रेन में कर रहे थे युद्ध की स्थिति में उनकी आगे की पढ़ाई का क्या होगा इसमें अनिश्चितता है ।
पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से पूरे बाजार में सभी चीजों पर असर पड़ेगा ,रूस -यूक्रेन की जंग में आपका बजट बिगड़ना तय है।



