https://www.facebook.com/UttarakhandDIPR
उत्तराखंडफीचर्ड न्यूज़सामाजिक
Trending

प्रत्येक जनपद में वन्यजीव नसबन्दी केन्द्र की होगी स्थापना : मुख्यमंत्री धामी

*प्रत्येक जनपद में वन्यजीव नसबन्दी केन्द्र की होगी स्थापना : मुख्यमंत्री धामी*

*वन्य जीवों के खोले जाएंगे रेस्क्यू व रिहैबीलीटेशन सेण्टर*

*वन विभाग को जाल, पिंजरा, ट्रेकुलाईजेशन गन आदि संसाधन की उपलब्धता के लिए मिलेंगे ₹ 5 करोड़*

*सोलर फेंसिंग और सेंसर बेस्ड अलर्ट सिस्टम से मिलेगी ग्रामीणों को सुरक्षा*

*मानव–वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए रेंजर स्तर के अधिकारियों को मिलेंगे अधिक अधिकार*

देहरादून 20 दिसंबर 2025:राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस चुनौती से निपटने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की घोषणा की है। जिसके तहत सोलर फेंसिग एवं सेंसर बेस्ड अलर्ट सिस्टम स्थापित किया जाएगा। साथ ही आधुनिक वन्यजीव बंध्याकरण (नसबन्दी) केन्द्र एवं जिलों में रिहैबीलीटेशन सेण्टर खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य में मानव जीवन संघर्ष के कई मामले सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड राज्य के उन क्षेत्रों में जहाँ वन्य जीव जैसे हाथी, नीलगाय, भालू, गुलदार एवं बंदर आदि के द्वारा कृषि एवं उद्यान फसलों, भौतिक अवस्थापनाओं, मानव जीवन आदि की क्षति की जाती है, वहाँ चरणवार एवं योजनाबद्ध रूप में सोलर फेंसिग एवं सेंसर बेस्ड अलर्ट सिस्टम से सुरक्षा तंत्र विकसित कर मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव लंगूर, बन्दर, सुअर, भालू आदि के जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रत्येक जनपद में वन विभाग के अंतर्गत आधुनिक वन्यजीव बंध्याकरण (नसबन्दी) केन्द्र की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश के समस्त जनपदों में मानव, वन्य जीव संघर्ष में चिन्हित वन्य जीवों के रेस्क्यू व रिहैबीलीटेशन सेण्टर खोले जायेंगे। इस हेतु पर्वतीय वन क्षेत्र में न्यूनतम 10 नाली व मैदानी वन क्षेत्र में न्यूनतम 1 एकड़ भूमि आरक्षित की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपरोक्त सभी कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए इन्हें शीर्ष प्राथमिकता से किया जाएगा एवं 2 सप्ताह की अवधि में उक्त योजनाओं को क्रियान्वित करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा इसके लिए वन विभाग को जाल, पिंजरा, ट्रेकुलाईजेशन गन आदि संसाधन की उपलब्धता के लिए ₹ 5 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी रोकथाम हेतु केन्द्रीय वन्य जीव अधिनियम के सुसंगत प्राविधानों में हिंसक जीवों को निषिद्ध करने हेतु अधिकारों के विकेन्द्रीकरण कर वन विभाग के रेंजर स्तर के अधिकारियों को सशक्त बनाया जाएगा। इस हेतु नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से भी गतदिवस वार्ता हुई है।

Advertisement
     

NewsGrid Desk

न्यूज़ ग्रिड उत्तराखंड का एक प्रतिष्ठित व लोकप्रिय न्यूज़ पोर्टल है, हम महत्वपूर्ण खबरों के साथ साथ सरकार की योजनाओं को भी जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।

Related Articles

Back to top button