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चंडीगढ़ ग्रेनेड विस्फोट: मुख्य आरोपी गिरफ्तार, तीसरा आरोपी अभी भी फरार

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ के सेक्टर-10 में रविवार शाम को ग्रेनेड हमलों के पीछे अपराधी के संबंध होने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हो गया कि राहुल ने एक पुलिस अधिकारी पर धोखे से इस निवास पर हमला किया। अत्याचारी संगठन लंबे समय से इस स्थान की निगरानी कर रहे थे। जिस घर पर यह हमला हुआ, वहां वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के एक मझोले मकान मालिक रह रहे हैं, जबकि इससे पहले इस घर में पंजाब पुलिस के गिरोह के सदस्य हरकीरत सिंह रहते थे। चंडीगढ़ पुलिस इस मामले की जांच में जेलर और उग्रवादी दोनों दृष्टिकोण से कर रही है, जिसमें जेलर से अपराधी बने लखबीर लंडा का नाम भी सामने आया है।

गाजियाबाद पुलिस अधिकारी जसकीरत सिंह चहल कुछ समय पहले सेक्टर-10 के बंगले नंबर 575 में रहते थे। कुत्तों के दौर में वे कई समर्थक थे। इस कारण से कट्टरपंथियों की हिट लिस्ट में थे। कोरोना के दौरान चार्ल्स के बेटे की मौत हो गई, जिसके बाद वे यहां-वहां और शिफ्ट हो गए। चॉल के यहां से शिफ्ट के बारे में बहुत कम लोगों को पता चला था।

रिंदा ने भेजा था रेकी करने का संदेश वर्ष 2023 में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल पंजाब ने दो बदमाशों को पकड़ा था, पंजाब पुलिस को बताया गया था कि हर सहायक सिंह रिंदा ने कुछ साल पहले उन्हें इस कोठी की रेकी करने के लिए भेजा था। यह जानकारी चंडीगढ़ पुलिस से भी साझा की गई थी। वहीं, घटना के बाद रातभर चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस और तूफान की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की गई। पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी भी की। सीसीटीवी में साफ हुआ कि सेक्टर-10 पर हमले के बाद वे सेक्टर-9 की तरफ से ऑटो लेकर निकले थे। चंडीगढ़ पुलिस ने 2 लाख रुपये की आपूर्ति की सूचना देने वाले की घोषणा की है।

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