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उत्तराखंडधार्मिक

प्रभु श्रीराम का 500 साल बाद पहली बार धूमधाम से होगा तिलकोत्सव, जनकपुर से आ रही सीता जी की सखियां!

राम मंदिर में 500 वर्षों बाद प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद पहली बार उनका विवाह धूमधाम से आयोजित होगा. इस ऐतिहासिक अवसर से पहले 18 नवंबर को श्रीराम का तिलकोत्सव भी वैदिक रीति-रिवाज के साथ मनाया जाएगा. खास बात यह है कि जनकपुर से तिलक चढ़ाने आने वाले दल में पुरुषों के साथ महिलाओं की भी भागीदारी होगी. सीता जी की सखियां, जिन्हें “तिलकहरू” कहा जाता है, अयोध्या में प्रभु राम के तिलक के लिए विशेष नेग लेकर पहुंचेंगी.

जनकपुर से लगभग 300 लोगों का दल अयोध्या आएगा, जिसमें एक चौथाई महिलाएं होंगी. तिलक चढ़ाने के लिए जनकपुर के हर घर से स्वेच्छा से सामग्री भेजी जा रही है. इस आयोजन में जनकपुर के प्रत्येक निवासी की भावनात्मक और भौतिक भागीदारी होगी. नेपाल के मधेश प्रांत के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने की संभावना है.

अयोध्या में तिलकोत्सव की जोरदार तैयारियां
प्रभु श्रीराम के ससुराल जनकपुर के लोगों में इस आयोजन को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है. अयोध्या में भी तिलकोत्सव को लेकर जोरदार तैयारियां हो रही हैं. यह पहला मौका है जब राम मंदिर में विराजमान रामलला का तिलक, उनके ससुराल से आए हुए लोग धूमधाम से करेंगे.

जनकपुर में गूंज रहे मंगलगीत
जनकपुर में प्रभु श्रीराम के तिलकोत्सव और विवाह को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा उत्साह है. हर घर में बधाई और मंगलगीत गाए जा रहे हैं. जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी रामरोशन दास ने बताया कि प्रथम तिलकोत्सव को लेकर जनकपुर के लोगों में अपार आस्था है. इस आयोजन के लिए वहां के लोग पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ तैयारियां कर रहे हैं. यह तिलकोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि भारत और नेपाल के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने का अवसर भी है.

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