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उत्तराखंड

उत्तराखंड के हर जिले में खुलेंगे सुप्रजा केंद्र, सामान्य प्रसव को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से गर्भवतियों को सामान्य प्रसव के लिए खान-पान, दिनचर्या की जानकारी देने के साथ पंचकर्म की सुविधा मिलेगी। इसके लिए हर जिले में सुप्रजा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 1.30 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दे दी है।

राज्य में आयुर्वेद व वेलनेस को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश सरकार आयुर्वेद चिकित्सा को सुलभ व बेहतर बढ़ाने की दिशा में काम रही है। मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद का विस्तार किया जा रहा है। सामान्य व सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवतियों को जिला स्तर पर प्रसव पूर्व पौष्टिक खानपान, दिनचर्या के साथ पंचकर्म की सुविधा देने की तैयारी है। इस सुविधा के लिए पहली बार सभी जिलों में सुप्रजा केंद्र बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक केंद्र के लिए 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। 13 सुप्रजा केंद्रों के लिए 1.30 करोड़ की राशि स्वीकृति की गई। विशेषज्ञों के अनुसार प्रसव के पूर्व पहले यदि गर्भवती सही खानपान व दिनचर्या को अपनाए तो सिजेरियन की स्थिति से बच सकते हैं

प्रदेश में खुलने तीन वेलनेस केंद्र

वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुनिकी रेती, बलवाकोट व कौसानी के लौबांज में वेलनेस केंद्र के लिए जगह चिह्नित कर रही है। वेलनेस केंद्रों में प्राइवेट रूम की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एक करोड़ की राशि व्यय की जाएगी। प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड को योग व वेलनेस का हब बनाने का लक्ष्य रखा है। मुनिकीरेती, कौसानी व पिथौरागढ़ देश दुनिया से पर्यटक आते हैं। वेलनेस सुविधा से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

पौड़ी, बागेश्वर व टिहरी में खुलेंगे आयुष विंग

राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय पौड़ी, बागेश्वर व टिहरी में आयुष विंग स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से मरीजों को एलोपैथिक के साथ आयुर्वेद चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। सरकार की ओर से एक आयुष विंग स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।

आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से लोगाें को बेहतर इलाज की सुविधा मिले। इसके लिए आयुष विंग के साथ आयुर्वेद अस्पतालों का उच्चीकृत किया जा रहा है। पहली बार प्रदेश के सभी जिलों में सुप्रजा केंद्र बनाए जाएंगे। इससे गर्भवतियों को प्रसव पूर्व खानपान, दिनचर्या की जानकारी मिलेगी। -मदन कौशिक, आयुष मंत्री

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